Tuesday, 14 December 2021

[ संविधान निर्माण की प्रक्रिया ]

भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान राष्ट्रीय नेताओं ने लगातार एक संविधान सभा के निर्माण की मांग की । भारत में संविधान सभा के गठन का विचार वर्ष 1934 में पहली बार मानवेन्द्र नाथ राय ने रखा था । वर्ष 1935 में राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा आधिकारिक रूप से संविधान के गठन की मांग की गयी । वर्ष 1938 में जवाहर लाल नेहरु ने स्वतंत्र भारत के संविधान निर्माण के लिए वयस्क मताधिकार के आधार पर चुनी गयी संविधान सभा की मांग की । अन्ततः 1940 में ब्रिटिश सरकार ने नेहरु की मांग को स्वीकृति प्रदान की जो "अगस्त प्रस्ताव" के नाम से जाना गया । 1946 के कैबिनेट मिशन के आधार पर संविधान सभा के गठन की व्यवस्था की गयी । 

भारत के संविधान के गठन की समयरेखा :


✔ 6 दिसंबर 1946: संविधान सभा का गठन (फ्रांसीसी प्रथा के अनुसार)। 

✔  9 दिसंबर 1946: पहली बैठक संविधान हॉल (अब संसद भवन का सेंट्रल हॉल ) में हुई । संबोधित करने वाले पहले व्यक्ति जेबी कृपलानी थे , सच्चिदानंद सिन्हा अस्थायी अध्यक्ष बनाये गए । (अलग राज्य की मांग करते हुए, मुस्लिम लीग ने बैठक का बहिष्कार किया) 

✔  11 दिसंबर 1946: विधानसभा ने राजेंद्र प्रसाद को अपना अध्यक्ष, एचसी मुखर्जी को उपाध्यक्ष और बीएन राव को  संवैधानिक कानूनी सलाहकार के रूप में नियुक्त किया । (शुरुआत में कुल 389 सदस्य थे, जो विभाजन के बाद घटकर 299 रह गए । 389 सदस्यों में से 292 सरकारी प्रांतों से, चार मुख्य आयुक्त प्रांतों से और 93 रियासतों से थे) 

✔  13 दिसंबर 1946: एक "उद्देश्य संकल्प" जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रस्तुत किया गया था, इसमें संवैधानिक सरंचना के ढाँचे एवं दर्शन की स्पष्ट झलक थी। यह बाद में संविधान की प्रस्तावना बनी । 

✔  22 जनवरी 1947: उद्देश्य प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया । 

✔  22 जुलाई 1947: राष्ट्रीय ध्वज अपनाया गया । 

✔  15 अगस्त 1947: स्वतंत्रता प्राप्त की । 

✔  29 अगस्त 1947: बी.आर. अम्बेडकर को प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया । समिति के अन्य छह सदस्य के. एम. मुंशीसैयद मोहम्मद सादुल्लाअल्लादी कृष्णास्वामी अय्यर एन. गोपालस्वामी आयंगरडी. पी. खेतान और मित्तर थे। 

✔  16 जुलाई 1948: हरेंद्र कुमार मुखर्जी के साथ वीटी कृष्णमाचारी को संविधान सभा के दूसरे उपाध्यक्ष के रूप में भी चुना गया । 
✔  26 नवंबर 1949: भारत का संविधान पारित किया गया और विधानसभा द्वारा अपनाया गया। 

✔  24 जनवरी 1950: संविधान सभा की अंतिम बैठक। संविधान पर हस्ताक्षर किए गए और उसे (395 अनुच्छेदों, 8 अनुसूचियों और 22 भागों के साथ) स्वीकार किया गया । 

✔  26 जनवरी 1950: संविधान लागू हुआ । (इस प्रक्रिया को पूरा होने में ₹6.4 मिलियन के कुल खर्च के साथ 2 साल, 11 महीने और 18 दिन लगे) 

** जीवी मावलंकर भारत के गणतंत्र बनने के बाद लोकसभा (संसद के निचले सदन) के पहले अध्यक्ष थे    

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