"अर्थशास्त्र" को अंग्रेज़ी भाषा में "Economics" कहा जाता है । "Economics" शब्द ग्रीक भाषा के दो शब्दों 'Oihos' (household) तथा 'Nemein' (to manage) से लिया गया है, जिनका अर्थ है 'घरेलू प्रबन्ध' (Household Management) । यूनान के विश्वविख्यात दार्शनिक अरस्तू ने अपनी पुस्तक Politics में अर्थशास्त्र को 'गृह-प्रबन्धन का विज्ञान' बताया । उनके अनुसार अर्थशास्त्र का सम्बन्ध 'विनिमय तथा धन-प्राप्ति' से है । इसी प्रकार प्राचीन भारतीय विद्वानों में मनु ने अपनी पुस्तक 'मनुस्मृति' तथा कौटिल्य ने अपनी पुस्तक 'अर्थशास्त्र' में अर्थशास्त्र को मुख्यतः 'राज्य के आर्थिक क्रियाकलापों' तक सीमित रखा ।
अर्थशास्त्र का जन्म सन् 1776 में हुआ जब एडम स्मिथ की 'An Enquiry into the Nature and Cause of the Wealth of Nations' नामक पुस्तक प्रकाशित हुई । इसी कारण एडम स्मिथ को अर्थशास्त्र का जन्मदाता (Father of Economics) कहा जाता है ।
पहले इस विज्ञान को 'राजनीतिक अर्थव्यवस्था' (Political Economy) कहा जाता था । सन् 1890 में डा० एल्फ्रेड मार्शल द्वारा लिखित 'Principles of Economics' नामक पुस्तक प्रकाशित हुई, जिसमें उन्होंने इस विज्ञान को 'अर्थशास्त्र' (Economics) नाम दिया ।
- अर्थशास्त्र की परिभाषाएँ :
"Economics is a study of mankind in the ordinary business of life; it examines that part of individual and social action which is most closely connected with the attainment and with the use of material requisites of well-being." "अर्थशास्त्र मानव-जीवन के साधारण व्यवसाय का अध्ययन है, यह व्यक्तिगत तथा सामाजिक क्रियाओं के उस भाग की जाँच करता है जिसका कल्याण के भौतिक साधनों की प्राप्ति और उनके उपयोग से घनिष्ठ सम्बन्ध है।" - डॉ० एल्फ्रेड मार्शल
"Economics is a study of economic welfare; economic welfare being described as that part of welfare which can be brought directly or indirectly into relation with the measuring rod of money." "अर्थशास्त्र आर्थिक कल्याण का अध्ययन है; आर्थिक कल्याण सामाजिक कल्याण का वह भाग है जिसे प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप में मुद्रा द्वारा मापा जा सकता है ।" - ए० सी० पीगू
"Economics is the science that studies human behaviour as a relationship between ends and scare means which have alternative uses." "अर्थशास्त्र वह विज्ञान है जिसमें आवश्यकताओं तथा अनेक उपयोग वाले सीमित साधनों से सम्बन्धित मानव व्यवहार का अध्ययन किया जाता है ।" - प्रो० लिओनल रॉबिन्स
- अर्थशास्त्र की विषय सामग्री :
अध्ययन की सुविधा के लिए इसे दो वर्गों विभक्त किया जा सकता है : परम्परागत दृष्टिकोण एवं आधुनिक दृष्टिकोण । लेकिन आधुनिक अर्थशास्त्रियों के अर्थशास्त्र की विषय सामग्री को दो भागों में बाँटा है :
1. व्यष्टि अर्थशास्त्र या कीमत सिद्धान्त
2. समष्टि अर्थशास्त्र या आय तथा रोजगार सिद्धान्त
No comments:
Post a Comment